
Dr. Rajeev Bindal
संक्षिप्त परिचय
नाम : डॉ0 राजीव बिन्दल
पिता का नाम : स्व0 वैद्य बालमुकन्द जी
पता : प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी (हि0प्र0),
विल्ला राऊन्ड, नाहन, जिला सिरमौर, हि0प्र0-173001
जन्म तिथि : 12 जनवरी, 1955
जन्म स्थान : सोलन, हिमाचल प्रदेश
शैक्षणिक योग्यता : जी0ए0एम0एस0 (आयुर्वेदाचार्य) Graduate in Ayurvedic
Medicine & Surgery
व्यवसाय : सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ता
सर्म्पक सूत्र : 98168-29999, 01702-222999 (rajeevbindal.hp@gmail.com)
पिता, स्व0 वैद्य बालमुकन्द जी : हिमाचल प्रदेश के जानेमाने वैद्य एवं समाजसेवी रहे और आयुर्वेद व युनानी-चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लाखों रोगियों को लाभ पहुंचाने वाले, अपने समय के श्रेष्ठ चिकित्सक रहे। हिमाचल प्रदेश की दुर्लभ जड़ी-बूटियों की खोज की, नए-नए औषधीय उत्पाद तैयार करते हुए समाज एवं आयुर्वेद की सेवा की। 97 वर्ष की आयु तक सक्रिय रहते हुए समाज की निष्काम सेवा की। अनेक सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। वर्ष 1945 में सोलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा प्रारम्भ करने वालों में से एक रहे।
पत्नी, श्रीमती मधु बिन्दल : M.Sc. Botany (Gold Medalist), कुशल गृहणी एवं सामाजिक कार्यकर्ता।
पुत्र, डॉ0 विवेक बिन्दल : MBBS, MS (Surg), DNB (Surg), FNB (Minimal Access Surgery), MNAMS, FACS, FRCS (Glasgow) Senior Director & Head of Department, Institute of Minimal Access, Bariatric & Robotic Surgery, Max Super Speciality Hospitals Vaishali, Patparganj & Noida, Delhi NCR Chairman, Clinical Robotic Surgery Association (India) President, Society for Surgery of Alimentary Tract (India) Vice-President, Abdominal Wall Reconstruction Surgeon Community Secretary, Association of Robotic Innovative Surgeons Treasurer, Obesity Surgery Society of India Associate Editor, Journal of Bariatric Surgery Associate Editor, International Journal of Advanced & Robotic Innovative Surgery Director, Shri Balmukand Apex Hospital, Solan, HP
पुत्र वधु, डॉ0 ऊषा बिन्दल : MBBS, MD Additional Professor and Head of Department of Biochemistry, Post Graduate Institute of Child Health, Noida.
पुत्री, डॉ0 स्वाति बिन्दल गान्धी : MBBS, DMRD, DNB (Radiologist) running APEX Diagnostic Center Solan With CT Scan, MRI, Ultra Sound and Lab. Diagnostic Facilities.
दामाद, डॉ0 राज कुमार गान्धी : MBBS, DMRD, DNB (Radiologist) running APEX Diagnostic Center Solan With CT Scan, MRI, Ultra Sound and Lab. Diagnostic Facilities.
पांच बड़े भ्राता सहित सभी 6 भाई निजी जीवन के कार्यों के साथ समाज सेवा के विभिन्न कार्यों में लगातार सेवारत हैं। एक बड़ी और दो छोटी बहनें अपने-अपने ससुराल पक्ष में रहते हुए सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं।
1. श्री राम किशोर बिन्दल जी : सबसे बड़े भाई हैं और सोलन में जनसंघ के प्रारम्भिक समय के सक्रिय कार्यकर्ता रहेय वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं।
2. वैद्य राम कुमार बिन्दल : विगत 50 वर्षों से संघ एवं आनुषंगिक संगठनों का कार्य निरन्तर करते आ रहे हैं। वर्तमान में विश्व हिन्दू परिषद् के प्रदेश कोषाध्यक्ष और सनातन धर्म सभा सोलन के अध्यक्ष हैं, श्रेष्ठ वैद्य के नाते पूरे उत्तरी भारत में इनकी पहचान है।
a. इनके बड़े पुत्र श्री अरविन्द बिन्दल हिमगिरि कल्याण आश्रम हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारी हैं।
b. इनके छोटे पुत्र डॉ0 विक्रम बिन्दल लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं।
c. इनके पौत्र आई0पी0एस0 अधिकारी हैं।
3. वैद्य रमेश बिन्दल : भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता एवं समाज सेवक हैं।
a. इनके पुत्र श्री मनोज बिन्दल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्य में लगे हुए हैं और अपना व्यवसाय करते हैं।
b. इनके दूसरे पुत्र श्री विकास बिन्दल व्यवसायी एवं समाज सेवक हैं।
4. डॉ0 राम अवतार बिन्दल : 45 वर्षों से स्वयं सेवक हैं। संघ के व अन्य संगठनों के अनेक पदों पर कार्यरत रहे। इनका पुत्र व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता है। इनकी दो बेटियां डॉ0 हैं और एक बेटी अपना व्यवसाय चलाती है।
5. डॉ0 रवि बिन्दल : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभिन्न दायित्व, तहसील संघ-चालक तक निभाने के बाद वर्तमान में भारत विकास परिषद् का दायित्व निभा रहे हैं। सनातन धर्म सभा कालका के अध्यक्ष हैं। धनवन्तरी नर्सिंग होम के नाम से अपना अस्पताल है। इनका बेटा व बहू दोनों स्पैशलिस्ट डॉ0 हैं और इनकी दो बेटियां विशेषज्ञ डॉ0 हैं। इनकी पत्नी डॉ0 रेणु बिन्दल परवाणू नगर पालिका की उपाध्यक्षा रह चुकी हैं व डैन्टन सर्जन है।
डॉ0 राजीव बिन्दल का पूरा परिवार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आनुषंगिक संगठनों एवं सनातन धर्म, आर्य समाज, देव समाज, अग्रवाल सभा, वैश्य सभा आदि संगठनों के माध्यम से सामाजिक कार्यों में संलग्न है।
डॉ0 राजीव बिन्दल का प्रेरणा स्रोत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ है। बड़े भ्राता की उंगली पकड़कर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा में पहुंचे एवं स्वयं सेवक बने। आठवीं कक्षा में प्राथमिक शिक्षा वर्ग का प्रशिक्षण प्राप्त कर गटनायक का दायित्व सम्भाला। सन् 1971 में प्रथम वर्ष (फर्स्ट ईयर ओ0टी0सी0) व सन् 1972 में द्वितीय वर्ष (सैकेंड ईयर ओ0टी0सी0) का प्रशिक्षण प्राप्त किया और संघ के विभिन्न दायित्वों, शाखा कार्यवाह, मण्डल कार्यवाह, नगर कार्यवाह आदि का निर्वहन किया।
श्रीमती इन्दिरा गांधी द्वारा वर्ष 1975 में देश पर आपातकाल थोप दिया गया। एक लाख नेताओं को जेल की काल कोठरी के पीछे धकेल दिया गया। प्रैस की आजादी को समाप्त करते हुए प्रैस पर सैन्सरशिप लगाया गया। समाज में हो रही ज्यादतियों एवं लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों का प्रकाशन बंद हो गया था और तानाशाही ने पूरे देश को जकड़ लिया था। ऐसे में डॉ0 राजीव बिन्दल ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेतृत्व में समाज पर हो रही ज्यादतियों एवं तानाशाही के खिलाफ प्रकाशन का जिम्मा एवं प्रकाशित सामग्री के वितरण का काम अपने हाथों में लिया व समाज को तानाशाही के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया। आपातकाल का विरोध करने के कारण हरियाणा की करनाल जेल में 4 माह से अधिक का कारावास भी काटा तात्कालिक श्रीमती इन्दिरा गांधी सरकार द्वारा डॉ. राजीव बिन्दल पर डिफेंस इण्डिया रूल (डी0आई0आर0) के अर्न्तगत मुकदमा दर्ज करके जेल में डाला गया। वर्ष 1977 में आपातकाल हटने पर लोकतांत्रिक युवा मोर्चा के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया और हरियाणा प्रदेश आयुर्वेद छात्र संघ के अध्यक्ष के नाते आयुर्वेद की प्रगति के लिए प्रयास किया। दिनांक 26.01.2015 को हरियाणा सरकार द्वारा लोकतन्त्र सैनानी के नाते ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सन् 1978 में जी0ए0एम0एस0 (आयुर्वेदाचार्य) की डिग्री हासिल करने के बाद संघ की प्रेरणा से देश के सबसे निर्धन, सर्वाधिक पिछडे़ हुए वनवासी (आदिवासी) क्षेत्र में निष्काम सेवा करने का निर्णय किया। संघ के प्रचारक के रूप में वनवासी कल्याण आश्रम के मार्गदर्शन एवं तत्वाधान में लगभग ढाई वर्ष तक झारखण्ड की “हो” नामक जनजाति (आदिवासी क्षेत्र) में निःशुल्क चिकित्सालय, छात्रावास व अन्य सेवा प्रकल्प चला कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का सफल प्रयास किया। सेवा के इस कालखण्ड में देशद्रोहियों द्वारा अनेक प्रकार के जानलेवा हमले भी किए गए जिसकी परवाह किए बिना अपने काम को निरंतर जारी रखा और सफलता प्राप्त की।
सन् 1983 में मां शूलिनी के नगर सोलन में अपने पैतृक स्थान पर चिकित्सा कार्य शुरू करते हुए समाज सेवा का निर्वहन किया। जहां चिकित्सा के माध्यम से समाज सेवा में उतरे, वहीं हिमगिरी कल्याण आश्रम (वनवासी कल्याण आश्रम) के नाम से एक संस्था खड़ी की और निर्धन एवं अभावग्रस्त बालकों की सेवा करने वाली इस विलक्षण संस्था के माध्यम से निरन्तर 20 वर्षों तक समाज की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हिमगिरि कल्याण आश्रम के संस्थापक, महामऩ्त्री व बाद में अध्यक्ष के रूप में हिमाचल प्रदेश में हिमगिरि कल्याण आश्रम का विस्तार किया। इस दौरान सैंकड़ों बालकों का जीवन श्रेष्ठ बनाने में अहम् भूमिका निभाई।
सन् 1995 में पहली बार नगर परिषद् सोलन का चुनाच लड़कर मां शूलिनी की कृपा से नगर परिषद्, सोलन के अध्यक्ष का दायित्व सम्भाला। नगर परिषद् के माध्यम से शहर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सफलता हासिल की। इसी दौरान वर्ष 1997 से 2000 तक भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष का कार्यभार भी सम्भाला।
सन् 2000 में सोलन में पहली बार भाजपा की टिकट पर विधान सभा का चुनाव जीता। विधायक रहते हुए पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, हिमाचल प्रदेश के चेयरमैन पद पर भी रहने का अवसर मिला। सन 2000 से 2003 तक सोलन विधान सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए भाजपा सरकार के सहयोग से विकास की नई इबारत को लिखने में कामयाबी मिली। सोलन के किसान की पीठ पर से किल्टा उतारने के लिए हर गांव को सड़क से जोड़ा व किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए सब्जी मण्डी का निर्माण किया। सोलन को गिरी नदी का जल उपलब्ध करवाना, बस अड्डा, बड़ोग बाई पास, नए-नए शिक्षण संस्थान, नए चिकित्सालय, विद्यालय एवं रोज़गार के हजारों अवसर उपलब्ध करवाने जैसे अनेक कार्य किए। इस दौरान सोलन में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया।
सन् 2003 में पुन: सोलन विधान सभा क्षेत्र की जनता ने अपना आशीर्वाद देते हुए दूसरी बार हिमाचल प्रदेश की विधान सभा का सदस्य बनाया। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं बन पाई। ऐसे में लोकतान्त्रिक मूल्यों को स्थापित करते हुए संसदीय प्रणाली के माध्यम से जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया। छोटे-छोटे मुद्दों से लेकर प्रत्येक मुद्दे पर विधान सभा के अंदर व विधान सभा के बाहर जनता एवं सरकार दोनों को जागरूक करने में अहम् भूमिका निभाई। इस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश उपाध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम पग उठाए। सामाजिक समरसता पर विशेष रूप से कार्य किया। अनुसूचित वर्ग के कल्याण एवं समाज में उनकी सहभागिता के लिए निरन्तर कार्य किया।
दिसम्बर, 2007 में सोलन विधान सभा की जनता ने तीसरी बार अपना आशीर्वाद दिया और विधान सभा सदस्य बनाया। भारतीय जनता पार्टी एवं प्रो0 प्रेम कुमार धूमल जी के सानिध्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुर्वेद विभाग के मन्त्री का दायित्व सम्भाला। इस दायित्व का निर्वहन पूरी शक्ति लगाकर निष्ठापूर्वक किया। अनेक नई-नई उपलब्धियां हासिल कीं जिनका विवरण स्वास्थ्य, स्वास्थ्य शिक्षा एवं आयुर्वेद के स्थान पर अंकित है। इन्हीं वर्षों के दौरान सोलन विधान सभा क्षेत्र, सोलन जिला एवं सिरमौर जिला में विशेषतौर पर विकासात्मक एवं संगठनात्मक कार्यों को बेहतरीन तरीके से अन्जाम दिया। स्वास्थ्य मन्त्री रहते हुए हि0प्र0 को देश भर में बेहतरीन स्थान पर लाने में अहम् भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मन्त्री के रूप में किए गए बेमिसाल कार्य :-
1. इन्दिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में एम0बी0बी0एस0 की सीटें 65 से बढ़ाकर 100 एवं टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में 50 से बढ़ाकर 100 की गर्इं।
2. पहली बार सुपर स्पेशिलिटी की 8 सीटें आई0जी0एम0सी0 में शुरू की गई।
3. प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी न हो, इसके लिए एम0डी0/एम0एस0 की सीटें 39 से बढ़ाकर 149 की गई।
4. 1800 नर्सों व 1000 पैरा मेडिकल कर्मचारियों की भर्ती की गई।
5. वर्षों से लम्बित विभिन्न कर्मचारी वर्ग की 800 से अधिक पदोन्नतियां की गई।
6. प्रदेश में दो नए मेडिकल कॉलेज बनाकर तैयार किए गए और 40 नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान खोले गए ताकि प्रदेश में 500 एम0बी0बी0एस0 चिकित्सक तैयार किए जा सकें व ज्यादा-से-ज्यादा नर्सों को प्रशिक्षित किया जा सके।
7. अटल स्वास्थ्य सेवा योजना-108 निःशुल्क एम्बुलैंस सेवा के माध्यम से लोगों के घर-द्वार तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई। ज्ञात रहे कि दिनांक 25 दिसम्बर, 2010 को प्रारम्भ हुई यह 108-सेवा आज भी प्रदेश की जीवनदायिनी योजना के रूप में कार्य कर रही है। लगभग 20 लाख रोगियों को उनके घर से अस्पताल तक पहुंचा चुकी है।
8. स्वास्थ्य बीमा योजना, मातृ सेवा योजना, मुस्कान योजना, पं0 दीनदयाल निःशुल्क औषधी सेवा, बेटी है अनमोल, तम्बाकु मुक्त हिमाचल, एनिमिया मुक्त हिमाचल, कृमि मुक्त हिमाचल आदि महत्वाकांक्षी योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया।
9. 600 नए आयुर्वेद चिकित्सकों की भर्ती की गई।
10. आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज पपरोला में 5 नई पी0जी0 सीटें बढ़ाई गईं व बी0 फार्मेसी आयुर्वेदिक कॉलेज और द्रव्यगुण में सैंटर आफ एक्सीलैंस संस्थान शुरू किया गया। 29 आयुर्वेद चिकित्सालयों में पंचकर्म चिकित्सा शुरू की गई।
इस प्रकार स्वास्थ्य विभाग में अनेक ऐतिहासिक व जनहितकारी कार्य किए जिसका लाभ हम सब प्रदेशवासियों को मिल रहा है।
वर्ष 2012 में सोलन विधान सभा क्षेत्र आरक्षित होने के कारण और जिला सिरमौर के लोगों के विशेष स्नेह व प्यार के कारण डॉ0 राजीव बिन्दल ने नाहन विधान सभा क्षेत्र से विधायक का चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। इस चुनाव में नाहन विधान सभा क्षेत्र के लोगों के अभूतपूर्व सहयोग व आशीर्वाद से शानदार जीत हासिल की और डॉ0 राजीव बिन्दल लगातार चौथी बार भाजपा के विधायक के रूप में विधान सभा में पहुंचे।
वर्ष 2012 में नाहन विधान सभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चुने जाने के बाद कांग्रेस सरकार और कांग्रेस के नेताओं ने हर कदम पर डॉ0 राजीव बिन्दल के मार्ग में रोड़े अटकाए, किन्तु डॉ0 राजीव बिन्दल ने हार नहीं मानी। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए दिन-रात एक कर दिया। उन्होंने नाहन विधान सभा क्षेत्र के लोगों की सड़क, पुल, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, बिजली आदि विकास से सम्बन्धित मांगों को कांग्रेस सरकार से पूरा करवाने के लिए कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने नाहन विधान सभा क्षेत्र की समस्याओं के प्रति जिला प्रशासन को सचेत करने के लिए नाहन के बड़ा चौक में 3 दिनों तक अनशन किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के लिए कांग्रेस सरकार के नकारात्मक रवैये के खि़लाफ बड़े-बड़े आंदोलन किए और 25-25 किलोमीटर की पद यात्राएं भी कीं। नाहन विधान सभा क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद डॉ0 राजीव बिन्दल ने यह सिद्ध कर दिया कि एक जनप्रतिनिधि कैसा होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के सुख-दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ा होकर साबित कर दिया कि क्षेत्र की जनता केवल वोट बैंक नहीं है बल्कि यह एक बड़ा कुटुम्ब है, जिसका मुखिया विधायक होता है।
डॉ0 राजीव बिन्दल के संगठनात्मक कौशल और अनुभव के कारण ही भाजपा ने कई बार उन्हें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और गुजरात चुनाव की महत्वपूर्ण बागडोर सौंपी, जहां उन्होंने पार्टी के लिए शानदार कार्य किया और भाजपा को जीत दिलाने में भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश कोषाध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश के प्रमुख प्रवक्ता एवं प्रदेश महामंत्री का दायित्व उन्होंने बखूबी निभाया। अपने कुशल व्यवहार और संगठनात्मक कौशल का परिचय देते हुए डॉ0 राजीव बिन्दल ने शिमला नगर निगम में चुनाव प्रभारी का कार्यभार सम्भालते हुए पार्टी को शानदार जीत दिलवाने में अहम् भूमिका निभाई थी और शिमला नगर निगम में पहली बार भाजपा का परचम लहराया।
जनता के सहयोग और आशीर्वाद के परिणामस्वरूप डॉ0 राजीव बिन्दल वर्ष 2017 में लगातार पांचवीं बार और नाहन से लगातार दूसरी बार विधान सभा के लिए चुने गए। डॉ0 राजीव बिन्दल सरकार और पार्टी स्तर पर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर आगे बढ़ते हुए जनवरी, 2018 में हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष जैसे अति महत्वपूर्ण और गरिमामय पद पर आसीन हुए।
विधान सभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद पर रहते हुए दो वर्षों में विधान सभा की बैठकों का संचालन बेहतरीन तरीके से किया और अपनी विद्वता व कार्यशैली का लोहा मनवाया। इस दौरान पक्ष व विपक्ष को अपना मत रखने का समान अवसर प्रदान किया। सदन के भीतर व बाहर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का भी पूर्ण प्रयास किया, जिसमें सफलता भी मिली। बिहार की राजधानी में राष्ट्रीय स्तर पर हुई राष्ट्र मण्डल संसदीय संगठन के सम्मेलन में भाग लिया। हि0प्र0 विधान सभा का अध्यक्ष रहते हुए राष्ट्र मण्डल संसदीय संगठन नॉर्थ जोन का सफल आयोजन शिमला (हि0प्र0) में किया जिसमें सात राज्यों के विधान सभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य व अन्य अधिकारियों ने भाग लिया और लोक सभा की माननीय अध्यक्षा इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं व महासचिव (लोकसभा), सचिव (संसदीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार), संयुक्त सचिव (संसदीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार) तथा सात राज्यों के विधान सभा सचिवों ने भाग लिया। इसके अलावा सितम्बर, 2019 में अफ्रीका के युगांडा में राष्ट्र मण्डल संसदीय संगठन के महासम्मेलन में भाग लेते हुए देश का प्रतिनिधत्व भी किया। विधान सभा अध्यक्ष के तौर पर देश की बात अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रखने के लिए लोक सभा अध्यक्ष द्वारा भी डॉ0 राजीव बिन्दल की प्रशंसा की गई है।
हिमाचल प्रदेश विधान सभा का ई-विधान मॉडल आज पूरे भारत में चर्चा का विषय बना है जिसमें कागज रहित प्रणाली को बढ़ावा दिया गया है। श्री बृज बिहारी लाल बुटेल, पूर्व माननीय विधान सभा अध्यक्ष द्वारा ई-विधान को प्रारम्भ किया गया था जिसे डॉ0 राजीव बिन्दल द्वारा राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का कार्य किया गया।
हिमाचल के ई-विधान मॉडल को देश की सभी विधान सभाओं में लागू करवाने का आदेश केन्द्र सरकार द्वारा पारित किया गया। लोक सभा की माननीय पूर्व अध्यक्षा व वर्तमान में लोक सभा के माननीय अध्यक्ष व कई प्रदेशों की विधान सभाओं को ई-विधान की समस्त जानकारियां देते हुए हिमाचल के ई-विधान मॉडल को ही पूरे देश में लागू किया जाए, यह इस अवधि के दौरान ही सुनिश्चित किया गया।
ई-विधान मॉडल को आगे बढ़ाते हुए ई-कंस्टिचूअंसी मैनेजमैंट नाम की नई एप शुरू की गई जिससे विधान सभाओं के अन्दर समस्त विकास कार्यों व समस्त पत्राचारों के ऊपर पूरी नजर रखी जा सके ताकि हमारे विधायक सशक्त विधायक के रूप में आगे बढ़ सकें। डॉ0 राजीव बिन्दल यहीं नहीं रुके बल्कि ई-कमेटी को पूरी तरह से लागू किया। विधान सभा की कमेटियों के वर्ष 2012 से लेकर 2019 तक के समस्त डाटा को डिजिटल रूप में अपलोड किया और अब कमेटियों का संचालन बेहतरीन तरीके से सम्भव हो पाया है।
इसी दौरान शिमला नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-विधान मॉडल को कार्यान्वित करने की दिशा में प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू किया जो भविष्य में देश के सभी नगर निगमों में लागू किया जा सकेगा।
विधान सभा अध्यक्ष के 2 वर्षों के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश विधान सभा में अनेक प्रकार के सुधार किए गए। बाहर से आने वाले आगुन्तकों के बैठने के लिए विधान सभा में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं रहती थी लेकिन आज 300 से अधिक लोगों के बैठने का समुचित स्थान उपलब्ध है। इसी प्रकार भोजनालय, भोजन व्यवस्था, कैन्टीन, विधान सभा का परिसर, विधान सभा के भवनों के रख-रखाव में आशातीत सुधार किया गया। लाईब्रेरी किसी भी विधान सभा की आत्मा के रूप में रहती है, लाईब्रेरी का डिजिटलाइजेशन शुरू किया गया। माननीय विधायकों को सम्बन्धित विषय पर जानकारी देने के लिए एक सैल का गठन किया गया जो 24 घण्टे के अन्दर माननीय विधायकों को वांछित जानकारी दे सके।
डॉ0 यशवन्त सिंह परमार द्वारा विधान सभा में दिए गए भाषणों का संकलन किया और उन्हें डिजिटलाइज किया गया व सभी पूर्व मुख्य मंत्रियों के भाषणों (विधान सभा में दिए गए) का संकलन करने का निर्णय किया गया।
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डॉ0 राजीव बिन्दल को विधान सभा अध्यक्ष पद छोडकर भाजपा हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पद पर कार्य करने का निर्णय लिया। दिनांक 16 जनवरी, 2020 को डॉ0 बिन्दल ने विधान सभा अध्यक्ष पद से त्याग पत्र देकर दिनांक 17 जनवरी, 2020 को हि0प्र0 भाजपा के अध्यक्ष पद का दायित्व सम्भाला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनते ही तीव्र सक्रियता का दौर शुरू हुआ। प्रदेश भर में प्रवास, बैठकें और आगामि तीन वर्षों में भाजपा संगठन क्या-क्या कार्य करेगा, इसकी सम्पूर्ण रूप-रेखा बनाई गई। भाजपा की प्रदेश कार्य समिति को यादगार बनाने की तैयारी शुरू की गई और श्री पांवटा साहिब में 13-14-15 मार्च, 2020 की कार्य समिति इतिहास बन गई। व्यवस्थाओं के मामले में, कार्यक्रमों के मामले में, संकल्प एवं भावी योजनाओं के मामले में अनूठी एवं अविस्मरणीय कार्य समिति का आयोजन डॉ0 बिन्दल की अध्यक्षता में पांवटा साहिब में सम्पन्न हुआ।
मार्च, 2020 से कोरोना के फैलने की गति देश भर में तेज हो गई और सब तरफ बंदी का काल शुरू हुआ। भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय लिया कि भाजपा का कार्यकर्ता कोविड वॉरियर के रूप में कार्य करेगा और सैनेटाइजर व मास्क वितरित करेगा तथा जागरूकता फैलाएगा। भाजपा हिमाचल प्रदेश ने ऑनलाइन कार्य शुरू कर दिया। प्रतिदिन प्रदेश स्तरीय, जिला स्तरीय व मण्डल स्तरीय ऑनलाइन बैठकें शुरू हो गईं। इस कार्य ने बहुत तेजी पकड़ी व बूथ स्तर तक ऑनलाइन बैठकें शुरू हो गईं। प्रदेश भाजपा ने डॉ0 राजीव बिन्दल की अध्यक्षता में निर्णय लिया कि भाजपा महिला मोर्चा के तत्वावधान में मास्क बनाने एवं वितरित करने का कार्य किया जाएगा जिसके परिणामस्वरूप 70 लाख से अधिक मास्क बनाकर बांटे गए और पूरी पार्टी ने इस कार्य में सहयोग किया।
गरीब लोगों में भोजन व राशन किटों को बांटने का काम भी तेज गति से किया गया। जिसके परिणामस्वरूप 1 लाख से अधिक राशन किटें जिसमें 15 दिन का पूरे परिवार का राशन था, प्रति माह बांटने का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान लंगर लगाए गए और गांव-के-गांव सैनेटाइज करने का काम व सैनेटाइजर वितरित करने का काम किया गया। इस कालखण्ड में पूरी पार्टी जीवन्त होकर समाज सेवा में जुट गई।
वर्ष 2017 से लेकर 2022 तक के 5 वर्षों में डॉ0 राजीव बिन्दल ने नाहन विधान सभा क्षेत्र में एक विधायक के नाते बेहतरीन काम किया और उनका यह कार्यकाल नाहन विधान सभा क्षेत्र के इतिहास में अविस्मरणीय रहेगा। इस कालखण्ड में विकास की इन्तहा, इलाके में जीता जागता परिवर्तन, बदलाव की ब्यार जैसे शब्दों की कमी हो जाएगी परन्तु जो कुछ इन पांच वर्षों में इलाके की जनता के लिए किया गया वह लाजवाब है। “न भूतो न भविष्यति”, न पूर्व में कभी ऐसा विकास हुआ और न भविष्य में कभी ऐसा विकास होगा। इस दौरान इलाके का दिशा निर्धारण हुआ है। एक विधायक कैसा होना चाहिए इसका उदाहरण बना। अपने इलाके के लिए कैसे सरकार से काम करवाया जाता है, ये पांच वर्ष उसका जीता-जागता सबूत बना। जनता का प्रतिनिधि जनता के बीच मे कैसे रहता है और जनता को किस गम्भीरता से सुनता है, उनकी समस्याओं के समाधान के लिए किस प्रकार उत्साहित रहता है, इन पांच वर्षों में लोगों को यह साक्षात देखने को मिला। सामूहिक काम कैसे किए जाएं, इस पर विशेष तवज्जो दी गई। अधिकारियों व कर्मचारियों से जनहित के कार्यों को किस प्रकार संभाल कर रखता है, उनसे कैसे कार्य करवाता है, लोगों के कामों को कैसे फोलो-अप करता है, इन सब चीजों का उदाहरण एक विधायक के रूप में डॉ0 राजीव बिन्दल ने पेश किया। इन सभी के परिणामस्वरूप नाहन विधान सभा क्षेत्र में पांच वर्षों के छोटे से कालखण्ड में लगभग 2500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को शुरू करवाने में कामयाबी मिली और इसके अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न स्वीकृतियां भी प्राप्त करने में सफलता मिली। इन पांच वर्षों में नाहन विधान सभा क्षेत्र विकास का पर्याय बन कर उभरा। सडकों का निर्माण, सडकों में सुधार, पुलों का निर्माण, स्कूल भवनों का निर्माण, अस्पताल व पी.एच.सी. भवनों का निर्माण, सामुदायिक भवनों व आलीशान सरकारी भवनों का निर्माण, पार्क बनाना, पार्किंग बनाना, पीने का पानी देना, सिंचाई व्यवस्था में सुधार करना, ये सब क्रान्तिकारी कदम उठाए गए।
नए संस्थानों का खोलना, सब-तहसील, पटवार सर्कल बनाना, नई पी.एच.सी. खोलना, नए विद्यालय खोलना, विद्यालयों को अपग्रेड करना, नई आई.टी.आई. खोलना, इन सभी के व कॉलेज का भवन बनाना, ये सब नए-नए कीर्तिमान इन्हीं पांच वर्षों में स्थापित हुए।
इसी दौरान 100 बिस्तरों का ई.एस.आई अस्पताल बनाया, 500 बिस्तरों का मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाने का कार्य शुरू करना, उसमें सी.टी. स्कैन, अल्ट्रा साउंड, डायग्नोस्टिक्स की मशीनें लगाना, ऑपरेशन थियेटर बनाकर उन्हें दिन-रात चलवाना, 3-3 ऑक्सीजन प्लांट लगाना और डॉक्टरों की पोस्टिंग करवाना जैसे जन सेवा के महत्वपूर्ण काम डॉ0 बिन्दल द्वारा करवाए गए हैं।
नाहन शहर जोकि 400 साल से अधिक पुराना है, का कायाकल्प करना, पानी के लिए तरसते हुए नाहन वासियों को वर्षभर 24 घण्टे पीने का स्वच्छ पानी देना, किसी करिश्मे से कम नहीं है। वॉटर कंजर्वेशन पर काम करना और अनेक डैमों की स्वीकृति करवाकर उनका काम शुरू करना व करोडों रुपये के कार्यों की स्वीकृति करवाकर उन्हें शुरू करने तक ले आना ही दूरदृष्टि है जोकि भविष्य के नाहन को बनाएगी।
नाहन में महत्वपूर्ण स्थलों को विकसित करना व माता बाला सुन्दरी तीर्थ स्थल का विकास करवाना, उसका बदलता हुआ स्वरूप डॉ0 बिन्दल की कार्यशैली को दर्शाता है। दूधाधारी माता त्रिभोणी को 3-3 जगह से सडक से जोडना और मंत्रा माता जोकि सरस्वती नदी का उदगम स्थल माना जाता है, को विकसित करना, पौड़ीवाला शिव मन्दिर, नौणी का बाग स्थित नरसिंह मन्दिर एवं परशुराम भगवान का मियां मन्दिर आदि धार्मिक स्थलों के सुधार का काम शुरू करना, इलाके को नई पहचान देने का प्रयास है।
इसी प्रकार नाहन की 18 ऐतिहासिक धरोहरों को चिंहित करते हुए उन पर प्लेट्स लगाई गई और उनका सुधार करना, पार्किंग की व्यवस्थाओं में अमूल-चूल परिवर्तन करना, महाराणा प्रताप, झांसी की रानी, डॉ0 भीमराव अम्बेदकर, भगवान बुद्ध व स्वामी विवेकानन्द जी की मूर्तियों की स्थापना करते हुए भारत के इतिहास को नई पीढ़ी के सामने रखना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए।
डॉ0 बिन्दल ने धारटी क्षेत्र में व पूरे इलाके में सडकों का निर्माण किया और 52 से अधिक पुलों का निर्माण करके आवागमन में क्रान्ति लाई।
डॉ0 राजीव बिन्दल ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमैंट (आई.आई.एम.) धौलाकुंआ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केन्द्र की मोदी सरकार के द्वारा 400 करोड़ रुपये की लागत से आलीशान संस्थान का निर्माण किया जा रहा है जो इलाके का भाग्योदय करेगा।
वर्ष 2022 के अन्त में नाहन विधान सभा क्षेत्र का चुनाव हुआ और दिनांक 12 नवम्बर, 2022 को पोलिंग हुई व दिनांक 8 दिसम्बर, 2022 को परिणाम आया। इलाके में वातावरण डॉ0 राजीव बिन्दल के पक्ष में होते हुए भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और 1500 मतों से डॉ0 राजीव बिन्दल चुनाव हार गए। नाहन विधान सभा क्षेत्र विकास की बुलंदियों पर तो पहुंचा लेकिन जिनके कारण विकास हुआ वे चुनाव हार गए और यह यक्ष प्रश्न नाहन विधान सभा क्षेत्र तथा हि0प्र0 की जनता में सदा के लिए खडा हो गया। जिन्हें अविजीत माना गया, 6 चुनाव लड़े व सभी जीते और उनका सातवां चुनाव हार जाना बड़ी विडंबना के रूप में सामने आया।
कांग्रेस पार्टी द्वारा 2022 के चुनाव में 10 झूठी गारटियां दी गई जो नाहन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की हार कारण बनी। “होए वही जो राम रचि राखा”, लेकिन डॉ0 राजीव बिन्दल ने हार का अध्ययन करके आगे बढ़ने का क्रम शुरू किया। दिनांक 23.04.2023 को आदरणीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आशीर्वाद से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति प्राप्त हुई। दिनांक 24.04.2023 से अपनी पूरी ऊर्जा के साथ पार्टीहित के कार्यों में जुट गए।
डॉ0 राजीव बिन्दल द्वारा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की दो साल की उपलब्धियां :-
‘पंखों से कुछ नहीं होता, हौंसलों से उड़ान होती है, सपने उन्हीं के साकार होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है’। प्रख्यात कवि की ये चंद लाइनें हिमाचल के लोकप्रिय भाजपा अध्यक्ष डॉ0 राजीव बिन्दल जी के राजनैतिक जीवन की चुनौती, संघर्ष और हिमालय समान उपलब्धियों को सही परिभाषित करती हैं। डॉ0 राजीव बिन्दल जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, भाजपा के चाणक्य माने जाने वाले भाई अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नडडा जी के आशीर्वाद से दिनांक 23 अप्रैल, 2024 को दूसरी बार देवभूमि हिमाचल भाजपा अध्यक्ष का कार्यभार संभाला।
डॉ0 राजीव बिन्दल ने इस अवधि में हिमाचल में भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए दिन-रात एक करके कार्य किया। सिरमौर से लेकर चम्बा तक और किन्नौर से लेकर कांगड़ा तक भाजपा कार्यकर्ता और संगठन को जब भी अपने अध्यक्ष व नेतृत्व की जरूरत महसूस हुई तो डॉ0 राजीव बिन्दल वहां हर समय खड़े रहे।
डॉ0 बिन्दल जी के दो वर्ष के भाजपा कार्यकाल की बात की जाये तो यह कार्यकाल अत्यंत सफल और उपलब्धियां पूर्ण रहा। उन्हें अपने दायित्व के निर्वहन में राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व का भरपूर सहयोग मिला। अध्यक्ष बनने के साथ ही एक तरफ जहां प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के उपरांत प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर जनता में त्राहि-त्राहि मची थी, वहीं दूसरी और प्रदेश में चार लोक सभा चुनाव और विधान सभा उप-चुनाव भी उनकी अग्निपरीक्षा ले रहे थे। डॉ0 बिन्दल की अध्यक्षता में भाजपा ने हिमाचल में सभी चार लोक सभा सीटों पर भगवा फैहराकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे0पी0 नड्डा को हिमाचल की तरफ से तोहफा भेंट किया।
डॉ0 बिन्दल ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जहां राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा समय-समय पर जारी कार्यक्रमों को बखूबी अंजाम दिया वहीं प्रदेश कांग्रेस सरकार के दो वर्ष के असफल कार्यकाल के विरोध में प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर जन-भावनाओं को जागृत भी किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों की बात करें तो डॉ0 बिन्दल ने इस अवधि में प्रदेश के चप्पे-चप्पे में पहुंचकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। इस अवधि में डॉ0 बिन्दल रिकॉर्ड 508 दिन प्रवास पर रहे। इस अवधि में उन्होंने 100 से अधिक प्रदेश स्तरीय बैठकों, 111 जिला स्तरीय और 117 मंडल स्तरीय बैठकों का स्वयं नेतृत्व किया। इसी प्रकार प्रदेश भर में 100 से अधिक आंदोलन और जन आक्रोश रैलियों का स्वयं नेतृत्व किया। डॉ0 राजीव बिन्दल की अध्यक्षता में पहली बार हिमाचल ने 100 दिन में 18 लाख भाजपा सदस्यों और 27 हजार सक्रिय सदस्य बनाने का रिकॉर्ड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का गौरव बढ़ाया है। भाजपा मंडल विस्तार की बात करें तो डॉ0 बिन्दल की अगुवाई में हिमाचल में 97 नये भाजपा मंडलों का गठन किया गया। इसके फलस्वरूप भाजपा मंडलों की संख्या 74 से बढ़कर 171 हो गई है। डॉ0 बिन्दल के नेतृत्व में प्रदेश के समस्त 17 जिलों और सभी मंडलों में मंडल चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
डॉ0 बिन्दल की अध्यक्षता में प्रदेश में महाजनसंपर्क अभियान, सेवा पखवाड़ा, मेरी माटी मेरा देश, वोटर पुन: निरीक्षण अभियान, एक पेड़ मां के नाम, तिरंगा यात्रा जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिमाचल ने रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने आपदा काल में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पहुंच कर पीड़ितों का दुःख भी बांटा है।
प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, गृह मंत्री श्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी व केन्द्रीय नेतृत्व के लगातार मिलने वाले आशीर्वाद व विश्वास पर खरा उतरते हुए दिनांक 01 जुलाई, 2025 को डॉ0 राजीव बिन्दल तीसरी बार हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष बने हैं। तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के साथ प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री श्री शांता कुमार जी व प्रो0 प्रेम कुमार धूमल जी के निवास पर उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे। यह घटना प्रदेश के राजनैतिक इतिहास में पूर्व में कभी घटित नहीं हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के मण्डी जिला के सिराज, नाचन, करसोग व धर्मपुर क्षेत्र में बादल फटने व अत्यधिक बरसात के कारण भारी आपदा आई और डॉ0 राजीव बिन्दल जी की अध्यक्षता में प्रदेश भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता ने इस आपदा में राहत पहुंचाने का काम किया। इस दौरान प्रदेश भर से लगभग 5000 राशन की किटें (जिसमें एक परिवार के महीने भर का राशन है), लगभग 2000 रसोई बर्तन की किटें और हजारों की संख्या में कपड़े इत्यादि प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया गया। सेवा का यह कार्य निरन्तर जारी है।
वर्ष 2027 के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को विजय श्री दिलवाने के लक्ष्य को लेकर डॉ0 राजीव बिन्दल अपनी पूरी ऊर्जा के साथ संगठनात्मक कार्यों में जुट गए हैं एवं विश्वास है कि संगठन के आधार पर प्रभु की आपार कृपा से भाजपा को अवश्य विजय श्री प्राप्त होगी।