संत शिरोमणी गुरू रविदास जी महाराज की जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर डाॅ0 राजीव बिन्दल, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि गुरू रविदास जी महाराज संतो के संत थे। अपने विशिष्ट कार्यों से, मार्गदर्शन से, प्रभाव से संत शिरोमणी कहलाए। हम सब उनके चरणो में नतमस्तक होते हैं। गुरू रविदास जी ने उपदेश दिया कि इस दुनिया में न कोई छोटा है, न कोई बड़ा है, न कोई ऊंचा है, न कोई नीचा है ‘‘जाति-पाति पूछे ना कोई, हरि को भजेे सो हरि को होई’’। गुलामी के कालखंड में जब हमारा देश गुलामी की बेडि़यों में जकड़ा हुआ था, अनेक प्रकार की कुरीतियों, बुराईयों से ग्रसित था, उस समय में गुरू रविदास जी महाराज ने पूरे देश को धर्म की शिक्षा दी और एक होकर रहने का उपदेश दिया।
डाॅ0 बिन्दल ने कहा कि गुरू रविदास जी की शिक्षाएं जितनी साढे़ तीन सौ साल पहले सार्थक थी, आज भी उतनी ही सार्थक है और आज भी उनकी शिक्षाओं की उतनी ही आवश्यकता है। प्रयागराज में चल रहे महाकंुभ ने साबित कर दिया है कि हमारे देश को जातियों में विभाजित करने का षड़यंत्र देश अब स्वीकार नहीं करेगा। करोडों़-करोड़ों देशवासी गंगा मैय्या, त्रिवेणी में स्नान करके अपने आपको को धन्य मान रहे हैं और जातियों के भेद को समाप्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। संत शिरोमणी गुरू रविदास जी महाराज ने अपनी कठौती में गंगा प्रकट कर यह दिखा दिया था कि धर्म, कर्म, ज्ञान, विज्ञान के उपर किसी भी प्रकार की जाति-पाति का बंधन नहीं है। आज के इस मौके पर हम इस महान संत को नमन करते हैं।